6 राशि वालों, यह महीना आपके लिए काफ़ी मिला-जुला रहेगा। एक तरफ तो काम बनने की बढ़िया उम्मीदें हैं तो वहीं दूसरी ओर लाभ का प्रतिशत कमज़ोर रह सकता है। हालांकि लाभेश के अष्टम में उच्च अवस्था में होने के कारण ऐसे योग ज़रूर बने हुए हैं कि आपको कहीं से धन प्राप्ति हो सकती है। आपका आत्मविश्वास बेहतर रहेगा; अत: कोई कठिन परिस्थिति निर्मित नहीं हो पाएगी। पदोन्नति की सम्भावनाएँ भी बन रही हैं। लेकिन महीने के दूसरे भाग में कार्य-व्यापार के साथ-साथ अपने घर परिवार और स्वास्थ्य का ख़्याल रखें।
इस माह में प्रेम संबंध को लेकर स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो सकती है। क्योंकि मंगल के साथ राहु 6 राशि में संचार कर रहा है जो प्रेम संबंध के मामले में तनाव उत्पन्न कर सकता है। परंतु आपसी सामंजस्य बेहतर बनाए रखने से एक दूसरे के साथ सहयोग की भावना उत्पन्न हो सकती हैं। प्रेम-प्रसंगों में वृद्धि देखने को मिल सकती हैं। यदि आप किसी को प्यार करते हैं तो उनके साथ किसी भी बात को शेयर कर सकते हैं। प्रेमी/प्रेमिका के साथ समय देना भी आपके लिए महत्वपूर्ण है तभी आपके प्रेम संबंधों में बेहतर स्थिति देखने को मिल सकती हैं। प्रेम संबंध में आपसी विश्वास की भावनाएं प्रबल होनी चाहिए तथा एक दूसरे के प्रति तालमेल बेहतर होना चाहिए। एक दूसरे के ऊपर भरोसा करना अनिवार्य है। तभी प्रेम संबंध के मामले में स्थितियां अनुकूल रहती हैं। यदि किसी तरह के महत्वपूर्ण बात को शेयर करना हो तो इस माह के उत्तरार्ध में कर सकते हैं। कोई ऐसी अनचाहे बातें न करें जिससे कि मामला खराब हो। इस माह में दांपत्य जीवन को लेकर स्थितियां तनावपूर्ण रहने वाली हैं। पति/पत्नी के साथ आपसी सामंजस्य बिगड़ने से घर परिवार में हर तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसा भी हो सकता है कि छोटी-छोटी समस्याओं के कारण विवाद उत्पन्न हो सकता है। एक दूसरे से अलग रहने की भी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध बनाए रखने का प्रयास ही आपके लिए बेहतर हो सकता है।
व्यापारिक दृष्टि से देखें तो सितम्बर में 6 राशि के लोगों के लिए यह एक अच्छा महीना हो सकता है। आपको नई संभावनाएं और व्यापारिक योजनाएं मिलेंगी, जिनसे आप आगे बढ़ सकते हैं। करियर के क्षेत्र में भी आपको प्रगति का मौका मिलेगा। वित्तीय स्थिति मजबूत रहेगी और आपको आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
सूर्य और मंगल के प्रभाव के कारण विचारों में थोड़ी उग्रता रहेगी साथ ही कहीं चोट-चपेट लगने की सम्भावना बनेगी, विशेष कर चेहरे और आँखों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतें। स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें, क्रोध और अनावश्यक उत्तेजना रहेगी जिसके कारण यदि वाहन स्वयं चलाते हैं तो सिमित गति सीमा में उसे चलायें अन्यथा घटना-दुर्घटना को स्वयं निमंत्रण दे बैठेंगे।