शनि मंत्र हिंदू उपासना परंपरा में श्रद्धा और ध्यान के साथ जपा जाता है। इस पृष्ठ पर मंत्र का पाठ, सरल अर्थ, सामान्य जाप विधि और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ दी गई हैं।
सूर्यपुत्र शनिदेव को प्रणाम करते हुए न्याय, धैर्य और कर्मों में सुधार की प्रार्थना।
शनिवार को पीपल के समीप या पूजा स्थान में 11 या 108 बार जप करें। सेवा, ईमानदारी और अनुशासन अपनाएँ।
ज्योतिषीय मान्यता में यह जप शनि-शांति, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में विवेक के लिए किया जाता है।