शनि मंत्र – Shani Mantra

शनि मंत्र हिंदू उपासना परंपरा में श्रद्धा और ध्यान के साथ जपा जाता है। इस पृष्ठ पर मंत्र का पाठ, सरल अर्थ, सामान्य जाप विधि और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ दी गई हैं।

शनि मंत्र का शुद्ध पाठ

ॐ शं शनैश्चराय नमः॥
नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

शनि मंत्र का अर्थ

सूर्यपुत्र शनिदेव को प्रणाम करते हुए न्याय, धैर्य और कर्मों में सुधार की प्रार्थना।

शनि मंत्र जाप विधि

शनिवार को पीपल के समीप या पूजा स्थान में 11 या 108 बार जप करें। सेवा, ईमानदारी और अनुशासन अपनाएँ।

शनि मंत्र के लाभ

ज्योतिषीय मान्यता में यह जप शनि-शांति, धैर्य और कठिन परिस्थितियों में विवेक के लिए किया जाता है।

ध्यान रखें: मंत्र साधना आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास का विषय है। स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक समस्या में संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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