नवग्रह मंत्र – Navgrah Mantra

नवग्रह मंत्र हिंदू उपासना परंपरा में श्रद्धा और ध्यान के साथ जपा जाता है। इस पृष्ठ पर मंत्र का पाठ, सरल अर्थ, सामान्य जाप विधि और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ दी गई हैं।

नवग्रह मंत्र का शुद्ध पाठ

ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥

नवग्रह मंत्र का अर्थ

सूर्य से केतु तक सभी नौ ग्रहों से शुभता और शांति की प्रार्थना।

नवग्रह मंत्र जाप विधि

नवग्रह पूजन के समय इस शांति मंत्र का 9, 11 या 108 बार जप करें। विशेष अनुष्ठान विशेषज्ञ मार्गदर्शन में करें।

नवग्रह मंत्र के लाभ

ज्योतिषीय परंपरा में इसका जप ग्रह-शांति, संतुलन और शुभ संकल्प के लिए किया जाता है।

ध्यान रखें: मंत्र साधना आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास का विषय है। स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक समस्या में संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

अन्य प्रमुख मंत्र