काल भैरव मंत्र हिंदू उपासना परंपरा में श्रद्धा और ध्यान के साथ जपा जाता है। इस पृष्ठ पर मंत्र का पाठ, सरल अर्थ, सामान्य जाप विधि और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ दी गई हैं।
समय के अधिपति और भगवान शिव के उग्र रक्षक स्वरूप काल भैरव को नमन।
रविवार, मंगलवार या कालाष्टमी को 11 या 108 बार सात्त्विक भाव से जप करें।
भय पर नियंत्रण, अनुशासन, समय का सम्मान और सुरक्षा की प्रार्थना के लिए जप किया जाता है।