गायत्री मंत्र – Gayatri Mantra

गायत्री मंत्र हिंदू उपासना परंपरा में श्रद्धा और ध्यान के साथ जपा जाता है। इस पृष्ठ पर मंत्र का पाठ, सरल अर्थ, सामान्य जाप विधि और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ दी गई हैं।

गायत्री मंत्र का शुद्ध पाठ

ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥

गायत्री मंत्र का अर्थ

यह प्रार्थना परम प्रकाश से हमारी बुद्धि को सत्य और श्रेष्ठ कर्मों की ओर प्रेरित करने की कामना करती है।

गायत्री मंत्र जाप विधि

प्रातः या संध्या के समय शांत स्थान पर बैठें। शुद्ध उच्चारण के साथ 3, 11 या 108 बार जप करें।

गायत्री मंत्र के लाभ

एकाग्रता, सकारात्मक चिंतन और आंतरिक शांति के लिए गायत्री मंत्र का जप किया जाता है।

ध्यान रखें: मंत्र साधना आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास का विषय है। स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक समस्या में संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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