गणेश मंत्र – Ganesh Mantra

गणेश मंत्र हिंदू उपासना परंपरा में श्रद्धा और ध्यान के साथ जपा जाता है। इस पृष्ठ पर मंत्र का पाठ, सरल अर्थ, सामान्य जाप विधि और इससे जुड़ी पारंपरिक मान्यताएँ दी गई हैं।

गणेश मंत्र का शुद्ध पाठ

ॐ गं गणपतये नमः॥
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

गणेश मंत्र का अर्थ

विघ्नहर्ता गणेश से सभी शुभ कार्यों में बाधाएँ दूर करने और सद्बुद्धि देने की प्रार्थना।

गणेश मंत्र जाप विधि

किसी नए कार्य के आरंभ में 11 बार जप करें। बुधवार को 108 जप भी किया जा सकता है।

गणेश मंत्र के लाभ

सफल आरंभ, विवेक, स्मरण शक्ति और बाधाओं का धैर्य से सामना करने की प्रेरणा के लिए जप किया जाता है।

ध्यान रखें: मंत्र साधना आस्था और आध्यात्मिक अभ्यास का विषय है। स्वास्थ्य, कानूनी या आर्थिक समस्या में संबंधित योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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